अब भारत सरकार GIS की मदद से बेचेगी जमीनें



जयपुर। प्रॉपर्टी के लेनदेन में तकनीकी सहभागिता बड़े पैमाने पर बढ़ती जा रही है। न केवल निजी कारोबारी बल्कि अब सरकार भी जमीनों की खरीद-फरोख्त में तकनीक का भरपूर उपयोग करने का मानस बना चुकी है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मानें, तो आने वाले दिनों में भारत में जमीनों की खरीद-फरोख्त में जीआईएस (ज्योग्राफिक इंफोर्मेशन सिस्टम) की मदद ली जाएगी। यह भारत सरकार का पायलट प्रोजेक्ट है, जिस पर काम शुरू किया जा चुका है।

एक ताजा वीडियो कॉन्फ्रेंस जिसे यूएसआईबीसी की ओर से आयोजित किया गया था में पीयूष गोयल ने यह बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि इस तकनीक पर काम शुरू किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस जीआईएस सिस्टम में गूगल अर्थ व्यू जुड़ा होगा, जिसके जरिए एक व्यक्ति आईसलैण्ड में बैठे-बैठे यह आसानी से देख पाएगा कि वह भारत में किस जमीन पर निवेश कर रहा है। मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी बताया किया इस संबंध में अमेरिका से अर्ली हार्वेस्ट एग्रीमेंट भी किया जा चुका है। साथ ही अमेरिका से हम फ्री टे्रड एग्रीमेंट को लेकर भी इस मसले पर लगातार प्रयास कर रहे हैं, जिसमें एक बेहतर मॉडल बनाया जा सके और यह मॉडल सुविधाजनक बन पाए। इसके लिए हमने अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का प्रस्ताव भी दिया है। हर निवेशक यहां लम्बा विजन रख रहा है। कारोबारी साख, माहौल और सुविधाएं उसके लिए काफी मायने रखती हैं। ऐसे में हम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारत के लिए भरोसेमंद व्यापारिक पार्टनर तलाश रहे हैं, जिनके साथ मिलकर बेहतर काम का माहौल तैयार हो सके।

इसी कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के केलिफोर्निया से प्रतिनिधि अमी बेरा ने बताया कि भारत में निवेश के अच्छे अवसर हैं। हमारी कंपनियां चीन से निकल कर भारत आ रही हैं, जिसमें भारत सरकार हमें अच्छा सहयोग कर रही है। यह तकनीक आने वाले सालों में अमेरिकन्स और दुनिया के दूसरे देशों के लोगों के लिए निवेश के भारत में रास्ते खोलेगी।
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